Friday, 10 June 2011

दूर जै ते तुमसी दूर नि जै सक्या....

दूर जै ते तुमसी दूर नि जै सक्या.
कथा रोया केथे बथे नि सक्या.!!!!!
गम यु नि की तुम मिल नि सक्या...
दर्द बस यु च कि एक पल ते भी तुमते भूले नि सक्या...!!!   द्वारा - शिव सिंह भंडारी

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