भुला वो लोग, भुलान जो कु काम च.,
हमारी ता दोस्ती का बिना गुजरती नी शाम च..!!
कन्न भूल सकदा हम तुमते,
जू हमारी जिन्दगी कु दुसरु नाम च.!!!!!
द्वारा - शिव सिंह भंडारी
हमारी ता दोस्ती का बिना गुजरती नी शाम च..!!
कन्न भूल सकदा हम तुमते,
जू हमारी जिन्दगी कु दुसरु नाम च.!!!!!
द्वारा - शिव सिंह भंडारी
No comments:
Post a Comment